गुरुवार, 3 सितंबर 2026

नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,


                     



छंद 1 -
नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,
भादो अष्टमी अँधेरी रात, चमकी किस्मत ग्वाल की।
मथुरा में कारा टूटी, माया सब टाल की,
यशोदा की गोद धन्य हुई, जय कन्हैया लाल की।

छंद 2 -
वसुदेव-देवकी के नयनन में ज्योति आई,
घन गरजे, यमुना उमड़ी, प्रभु ने राह बनाई।
शेषनाग ने फन ताना, वर्षा भी थम सी जाई,
नंदबाबा के द्वारे देखो, खुशियाँ झूम के छाई।

छंद 3 -
मोर मुकुट पीतांबर सोहे, मुख पर मृदु मुस्कान,
छोटी-छोटी गैया संग, छेड़े मधुर तान।
यशोदा ले बलैया, कहे मेरो प्राण,
तेरे दरस को तरसे, सारा बृज महान।

छंद 4 -
जिसने कंस का मान मिटाया, गीता ज्ञान सुनाया,
द्रौपदी की लाज बचाई, ग्वालों संग माखन खाया।
वो ही नटखट, वो ही योगी, जिसने प्रेम सिखाया,
उसके चरणों में झुक के, सारा जग हर्षाया।

छंद 5 -
आओ सब मिल गाएँ, कृष्ण कन्हैया प्यारे,
ताली-मृदंग-ढोलक संग, जय-जयकारे न्यारे।
भक्ति से जो ध्यावे, हो जाएँ वारे-न्यारे,
जन्माष्टमी पावन आई, भर दो झोली सारे।

बुधवार, 2 सितंबर 2026

ऐसे बजरंग बाला - मात अंजनी का लाला


       

                          

**फिल्मी तर्ज - मिलो न तुम तो हम घबरायें पर आधारित**

1.
लाल लँगोटा लाल सिंदूरी
तन पर शोभा न्यारी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
संकट हरता नाम तुम्हारा
किरपा बरसे भारी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
2.
राम नाम की माला जपते
मन में राम समाया
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
केसरी नंदन पवन पुत्र तुम
जग ने शीश झुकाया
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
3.
नाम सुने तो थर थर कांपे
भूत पिशाच सारे
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
जो भी शरण तुम्हारी आये
दुःख उसके टल जाये
भक्तों को दे देते सहारा
बनके रखवाला
ऐसे बजरंग बाला
4.
सीया सुध लाने को लंका
एक छलांग में लांघा
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
अक्षय कुमार को मार गिराया
रावण का मान भंगा
सोने की लंका को पल में
तुमने आग लगाया
ऐसे बजरंग बाला
**5.**
राम काज सब आलोक कहे अब
तुम बिन कौन करे जी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
दास की अर्जी सुन लो बजरंगी
विनती बारम्बार जी
भक्त और भगवान का ये तो
रिश्ता बड़ा निराला
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला


मंगलवार, 1 सितंबर 2026

गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना,




मुखड़ा -

गुरुदेव मेरी नैया,
उस पार लगा देना,
भव सागर में डोलूं,
आकर संभाल लेना,
गुरुदेव मेरी नैया,
उस पार लगा देना ॥

छंद 1 -
तुम ज्ञान के हो सागर, मैं अज्ञानी दास तुम्हारा,
तुमने ही दिखलाया, है मुक्ति का द्वारा,
भटका हूँ अंधियारे में, उजियारा दिखा देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 2 -
तुम शब्द ब्रह्म स्वरूप, तुम वाणी के सार,
तुम बिना नहीं कोई, मेरा खेवनहार,
मंत्रों से पावन कर, मन मेरा बना देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 3 -
यह मन बड़ा चंचल, माया में भरमाए,
क्षण भर भी तुमसे हटके, चैन न पाय,
बांधो प्रेम की डोरी, अपना बना लेना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 4 -
संसार के ये बंधन, अब तोड़ो सतगुरु मेरे,
चरणों में थोड़ी सी, जगह दे दो मेरे,
सेवा में जीवन बीते, ऐसा वर दे देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 5 -
जब अंतिम समय आए, तुम सामने आ जाना,
अपने ही हाथों से, भव बंध छुड़ा जाना,
अब तक तो निभाया जैसे, आगे भी निभा देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम - नया शिव भजन





सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे शुभ निष्काम।

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

भस्म रमाए फिरें त्रिपुरारी, देते सबको सुख का धाम।

भक्तों के दुख हरने वाले, गौरी पति को कोटि प्रणाम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

जटा में गंगा चंदा माथे, कंठ में सोहे नागों माला।

डम डम डमरू बाजत द्वारे, तीन लोक के हैं रखवाला ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

शिव के दर पर जो भी आया, खाली कभी न लौटा धाम।

कहत **आलोक** सुनो रे मनवा, भजले शिव का आठों याम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

शिव भजने से मन निर्मल हो, मिट जाये हर कष्ट तमाम।

शिव ही सत्य शिव ही सुंदर, शिव ही जीवन का आराम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती

 भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती




गौरा जी ने हंसकर पूछा जटा में तेरे क्या है जी,
जटा में मेरे गंगा बहती, संग नहा लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा माथे पे ये क्या साजे जी,
माथे पे मेरे चंदा चमके, दर्शन कर लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा गले में नाग हैं कैसे जी,
गले में मेरे भक्तों की माला, तुम भी पहन लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा हाथों में त्रिशूल कैसा जी,
हाथों में मेरे डमरू बाजे, थिरक के नाच लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा अंग में भभूति कैसी जी,
अंग की भभूति मुक्ति दायिनी, तुम लगा लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा द्वार पे ये कौन खड़ा है जी,
भोले बोले सुनो मेरी गौरा, आलोक की विनती पड़ी है जी,
आलोक कहे दोनो मिलके, कृपा बरसा दो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गजानंद महाराज पधारो, कीर्तन सजा दरबार है,गणेश भजन 2026

                       



गजानंद महाराज पधारो, कीर्तन सजा दरबार है,

आओ आओ बेगा आओ, भक्त खड़ा लाचार है।

प्रथम मनाऊँ तुमको देवा, ध्याऊँ शारदा मात,
मात-पिता गुरु चरण नमूँ, तुम हो भाग्य विधात।

थे आवो तो काज सँवरे, थारे हाथ है लाज हमारी,
रणत भंवर में अटकी नैया, सुन लो अरज हमारी।

मोदक प्रिय मूषक वाहन, महिमा वेद बखान है,
एक दंत दयावंत देवा, करते विघ्न निदान है।

ज्योति जगे तो तमस मिटे, मन को मिले किनारा है,
भव बंधन काटो प्रभु जी, तुम ही एक सहारा है।

रिद्धि सिद्धि संग ले पधारो, भोग पुष्प तैयार है,
भक्तों ने जयकार लगाई, मन में हर्ष अपार है,
कह आलोक पधारो विनायक, अब तो कीर्तन में रस की धार है।

नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,

                      छंद 1 - नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, भादो अष्टमी अँधेरी रात, चमकी किस्मत ग्वाल की। मथुरा में कारा टूटी, माया सब...