मंगलवार, 8 सितंबर 2026

नजर में बसा लो सांवरे बिहारी

   नजर में बसा लो सांवरे बिहारी




छंद 1 -
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी,
नैनन में भर लूं सूरत तुम्हारी।
विरह में तरसे है अखियां हमारी,
नजर में बसा लो छवि ये तुम्हारी,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

छंद 2 -
मोर मुकुट प्यारा, अधर पे मुरलिया,
तेरी मुस्कान पे वारी है दुनिया।
तेरी ये बांकपन, ये मतवारी चाल,
दिल मेरा खींचे है नंद के लाला,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

छंद 3 -
न राधा सी प्रीत है, न मीरा सा त्याग,
फिर भी चरणों में मेरे बड़ा अनुराग।
मैं दासी तुम्हारी, तुम हो गिरधारी,
एक झलक दिखा दो हे कुंज बिहारी,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

छंद 4 -
यमुना किनारे तेरा रास रचाना,
गोपियन संग मिलके मधुर मुस्काना।
उसी रास में मुझको भी बुला लो,
अपनी चरण रज मस्तक लगा लो,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

छंद 5 -
बहुत जन्म बीते आस में तुम्हारी,
अब तो दरस दे दो हे कृष्ण मुरारी।
न चाहूं मैं हीरा, न चाहूं मैं मोती,
बस चाहूं चरणों में प्रीत की ज्योति,
नैनन में भर लूं सूरत तुम्हारी,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

रविवार, 6 सितंबर 2026

काली कमली वाला मेरा यार है के भावार्थ वाला नया भजन | मेरे मन का मोहन तू दिलदार है



                       



मेरा सांवरा यार

1. मुखड़ा -
काली कमरिया वाला वो यार है,
मेरे मन का मोहन, मेरा प्यार है,
तू ही तो मेरा आँखों का तारा है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

2.
तेरी मुरली पे दिल ये दीवाना,
तेरे नाम का ही जपे तराना,
सांवली सूरत पे दिल ये निसार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

3.
तू है मेरा, मैं हूँ तेरा सांवरे,
छोड़ा जग सारा, आये द्वार तेरे,
तेरे हाथों में अब मेरी पतवार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

4.
एक ही अरज है, एक ही प्यास है,
दर्शन दे दो, दिल उदास है,
तेरी एक झलक को ये दिल बेकरार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

5.
तुझको ही अपना हमने माना है,
जीवन सारा तेरे नाम किया है,
इस दास को बस तेरा इंतज़ार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

शनिवार, 5 सितंबर 2026

जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे -देशभक्ति गीत





गीत - जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे




छंद 1
वतन की मिट्टी से ही प्रीत करेंगे,
इसी की खातिर हर रीत निभाएंगे।
ओ वीर शहीदों तुम दिल में बसे हो,
तुम्हारी ही गाथा हम गुनगुनाएंगे,
लहू से लिखी जो कहानी तुम्हारी,
जुग-जुग तक हम सब दोहराएंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।

छंद 2
तुम सो गए माँ की गोद सजाकर,
हम जाग रहे हैं कसम ये उठाकर।
तेरे लहू की हर बूंद कहती है हमसे,
झुकने न देंगे ये भारत कभी भी,
तेरी चिता की जो राख है चंदन,
माथे पे अपने सदा हम लगाएंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।

छंद 3
लहराएगा तिरंगा गगन से भी ऊँचा,
दुनिया में भारत का परचम रहेगा।
तुम्हारे ही कारण है घर में उजाला,
तुम्हारे ही कारण चूल्हा जलेगा,
तुम्हारी बहन की है राखी अमर अब,
तुम्हारी ही माँ को हम माँ कहेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।

छंद 4
ना भूलेंगे हम वो अंतिम निशानी,
जो दे गए तुम जवानी लुटाकर।
कर्ज़ है तुम पर ये सारा वतन का,
चुकाएंगे हम भी लहू को बहाकर,
शहीदों की विधवा की आँखों का पानी,
मोती समझकर हिफाज़त करेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।

छंद 5
चलो आज फिर से ये वादा निभाएं,
शहीदों के घर को ही मंदिर बनाएं।
ना हिन्दू ना मुस्लिम ना कोई सिख ईसाई,
हम सिर्फ हैं भारतीय कहलाएं,
एकता के ही धागे में बंध कर सभी,
दुश्मन के सीने पे बनके गरजेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।















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तेरी कृपा से कन्हैया, हर काज बन रहा है,



"तेरी कृपा से कन्हैया"


छंद 1 -
तेरी कृपा से कन्हैया, हर काज बन रहा है,
तू ही संभाले मोहन, सम्मान बढ़ रहा है ||
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है,
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है ||

छंद 2 -
न मैं चतुर न ज्ञानी, बस तेरा हो रहा हूँ,
तेरी शरण में आकर, खुद से मैं खो रहा हूँ ||
बिन बोले सब समझते, एहसान हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||

छंद 3 -
जो बिगड़े थे नसीबा, वो पल में संवर गए,
तेरा नाम लेते ही, दुख सारे बिखर गए ||
तेरे चरणों में आके, विश्राम हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||

छंद 4 -
ना धन की चाह मुझको, ना कोई आस बाकी,
जब से मिले हो तुमसे, पूरी हर प्यास बाकी ||
तेरे भरोसे मेरा, हर शाम हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||

छंद 5 -
दुनिया के सहारे तो, पल भर में छूटते हैं,
तेरे सहारे मोहन, किस्मत को लूटते हैं ||
पकड़ा है हाथ तेरा, कल्याण हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||


भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं - शिव भजन लिरिक्स | Bhole Nath Bhajan


**।। भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ।।**

 

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं,

माथे चंदा सजे है जिनके, जटा में गंगा धारा,

ऐसा जटा में गंग बहाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 1**

भस्म रमाये अंग में सोहे, त्रिनेत्र धारी मतवाला,

तीनो लोक का स्वामी होके, फिर भी रहे निराला,

ऐसा औघड़ दानी दाता कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 2**

नंदी पर हो सवार जो निकले, डमरू त्रिशूल वाला,

काल भी थर-थर कांपे देख के, ऐसा रूप विशाला,

ऐसा काल का काल कहाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 3**

विष पीकर जो नीलकंठ कहलाये, जग को अमृत पिलाया,

देवों ने भी शीश झुकाया, भक्तों को गले लगाया,

ऐसा विष को अमृत बनाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 4**

शमशान में भी ध्यान लगाये, कैलाश पे डेरा डाला,

भूत प्रेत भी संग में नाचे, ऐसा भोला भाला,

ऐसा शिवा को संग नचाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 5**

'आलोक' प्यासा दर का तेरे, तेरी शरण में आया,

तूने सबकी बिगड़ी बनाई, मुझको क्यों बिसराया,

तेरे सिवा इस दास का रखवाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥

हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में - 5 छंद वाला गुरु भजन लिरिक्स | Sare Teerth Dham Bhajan



। हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ।।




सारे वेद पुराण आपके चरणों में,
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 1
हाथ जो शिष्य के शीश धरे वो,
भवसागर से पार करे वो,
जिस पर कृपा कटाक्ष हो आपका,
जीवन उसका संवर जाता है,
चारों धाम और चारों वेद,
सिमटे एक प्रणाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 2
ज्ञान का दीप जलाते हो गुरुवर,
अज्ञान का तम मिटाते हो गुरुवर,
भटके हुओं को राह दिखा कर,
जीवन सफल बनाते हो गुरुवर,
काम क्रोध मद लोभ का बंधन,
छूटे सुबहो शाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 3
मात पिता ने देह दी हमको,
आपने जीवन दान दिया है,
मोह माया में फंसे थे हम तो,
आपने ब्रह्म का ज्ञान दिया है,
जन्म मरण के सारे बंधन,
टूटें एक ही नाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 4
शिष्य है बालक आप पिता हो,
आप ही माता आप सखा हो,
डूबती नैया के खेवैया,
आप ही तो भाग्य विधाता हो,
निर्धन को धनवान बना दो,
पापी को निष्काम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 5
वाणी में हो अमृत जैसा,
दर्शन में हो शांति का सागर,
आपकी एक मुस्कान से गुरुवर,
भर जाता है मन का गागर,
इस दास की बस एक ही इच्छा,
जीवन बीते आठों याम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

दोहा -
गुरु बिन ज्ञान न उपजे,
गुरु बिन मिले न मोक्ष,
गुरु कृपा जब होत है,
मिटे सकल भव शोक ॥

नजर में बसा लो सांवरे बिहारी

      नजर में बसा लो सांवरे बिहारी छंद 1 - जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी, नैनन में भर लूं सूरत तुम्हारी। विरह में तरसे है अखियां हमारी, नजर म...