शनिवार, 5 सितंबर 2026

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं - शिव भजन लिरिक्स | Bhole Nath Bhajan


**।। भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ।।**

 

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं,

माथे चंदा सजे है जिनके, जटा में गंगा धारा,

ऐसा जटा में गंग बहाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 1**

भस्म रमाये अंग में सोहे, त्रिनेत्र धारी मतवाला,

तीनो लोक का स्वामी होके, फिर भी रहे निराला,

ऐसा औघड़ दानी दाता कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 2**

नंदी पर हो सवार जो निकले, डमरू त्रिशूल वाला,

काल भी थर-थर कांपे देख के, ऐसा रूप विशाला,

ऐसा काल का काल कहाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 3**

विष पीकर जो नीलकंठ कहलाये, जग को अमृत पिलाया,

देवों ने भी शीश झुकाया, भक्तों को गले लगाया,

ऐसा विष को अमृत बनाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 4**

शमशान में भी ध्यान लगाये, कैलाश पे डेरा डाला,

भूत प्रेत भी संग में नाचे, ऐसा भोला भाला,

ऐसा शिवा को संग नचाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 5**

'आलोक' प्यासा दर का तेरे, तेरी शरण में आया,

तूने सबकी बिगड़ी बनाई, मुझको क्यों बिसराया,

तेरे सिवा इस दास का रखवाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥

हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में - 5 छंद वाला गुरु भजन लिरिक्स | Sare Teerth Dham Bhajan



। हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ।।




सारे वेद पुराण आपके चरणों में,
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 1
हाथ जो शिष्य के शीश धरे वो,
भवसागर से पार करे वो,
जिस पर कृपा कटाक्ष हो आपका,
जीवन उसका संवर जाता है,
चारों धाम और चारों वेद,
सिमटे एक प्रणाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 2
ज्ञान का दीप जलाते हो गुरुवर,
अज्ञान का तम मिटाते हो गुरुवर,
भटके हुओं को राह दिखा कर,
जीवन सफल बनाते हो गुरुवर,
काम क्रोध मद लोभ का बंधन,
छूटे सुबहो शाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 3
मात पिता ने देह दी हमको,
आपने जीवन दान दिया है,
मोह माया में फंसे थे हम तो,
आपने ब्रह्म का ज्ञान दिया है,
जन्म मरण के सारे बंधन,
टूटें एक ही नाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 4
शिष्य है बालक आप पिता हो,
आप ही माता आप सखा हो,
डूबती नैया के खेवैया,
आप ही तो भाग्य विधाता हो,
निर्धन को धनवान बना दो,
पापी को निष्काम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 5
वाणी में हो अमृत जैसा,
दर्शन में हो शांति का सागर,
आपकी एक मुस्कान से गुरुवर,
भर जाता है मन का गागर,
इस दास की बस एक ही इच्छा,
जीवन बीते आठों याम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

दोहा -
गुरु बिन ज्ञान न उपजे,
गुरु बिन मिले न मोक्ष,
गुरु कृपा जब होत है,
मिटे सकल भव शोक ॥

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

श्याम चूड़ी बेचने आया-कृष्ण भजन




भजन - श्याम चूड़ी बेचने आया




स्थायी -
 श्याम चूड़ी बेचने आया।
नटवर का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

1.
माथे मोर मुकुट छुपाया, पगड़ी से रूप सजाया।
कंगन झोली बीच छुपाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

2.
वृन्दावन की गली में आया, राधा नाम की टेर लगाया।
सुनते ही राधा दौड़ी आयी, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

3.
बोली राधा चूड़ी पहना, नीली-पीली नहीं है पहनना।
मुझे तो बस श्याम रंग भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

4.
राधा हाथ आगे बढ़ाती, श्याम कलाई थामे जाती।
मंद-मंद वो मुस्काया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

5.
चूड़ी पहना प्रेम बढ़ाया, राधा का श्याम ने हाथ दबाया।
'छलिया' कह राधे शरमाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

भजन - तू प्यार का सागर है



भजन - तू प्यार का सागर है

ध्रुव पद -
तू प्यार का सागर है, तेरी इक बूँद के प्यासे हम,
जो दर से है ठुकराया, जाएँ तो जाएँ कहाँ से हम।
तू प्यार का सागर है...

छंद 1 -
भटका है मन का राही, सूझे न कोई किनारा,
गहरी है मोह की नदिया, डूबा है जग ये सारा।
तू ही बता दे केवट, आए हैं किस जिया से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 2 -
साँसों की डोर है कच्ची, पल-पल है टूट रही,
आशा की लौ है धुंधली, बुझ-बुझ के छूट रही।
दे दे सहारा ज़रा सा, बिखरे हैं जहाँ-जहाँ से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 3 -
तेरे ही हाथ में लेखा, तेरे ही हाथ में लेखनी,
तू ही है माफ़ करने वाला, तू ही है सबकी देखनी।
भूले हैं राह जो अपनी, ला दे उसी डगर से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 4 -
कर्मों की खेती जो बोई, वही यहाँ काटनी है,
तेरी अदालत सबसे न्यारी, सच्ची ही बाटनी है।
कर दे क्षमा अपराधों को, शर्मिंदा हैं खता से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 5 -
आना है, जाना है सबको, ये खेल चार दिनों का,
क्या लेके आया बंदा, क्या लेके जाए सपनों का।
अंत समय इतना कर दे, हँस के विदा हों यहाँ से हम,
तू प्यार का सागर है...

गुरुवार, 3 सितंबर 2026

नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,


                     



छंद 1 -
नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,
भादो अष्टमी अँधेरी रात, चमकी किस्मत ग्वाल की।
मथुरा में कारा टूटी, माया सब टाल की,
यशोदा की गोद धन्य हुई, जय कन्हैया लाल की।

छंद 2 -
वसुदेव-देवकी के नयनन में ज्योति आई,
घन गरजे, यमुना उमड़ी, प्रभु ने राह बनाई।
शेषनाग ने फन ताना, वर्षा भी थम सी जाई,
नंदबाबा के द्वारे देखो, खुशियाँ झूम के छाई।

छंद 3 -
मोर मुकुट पीतांबर सोहे, मुख पर मृदु मुस्कान,
छोटी-छोटी गैया संग, छेड़े मधुर तान।
यशोदा ले बलैया, कहे मेरो प्राण,
तेरे दरस को तरसे, सारा बृज महान।

छंद 4 -
जिसने कंस का मान मिटाया, गीता ज्ञान सुनाया,
द्रौपदी की लाज बचाई, ग्वालों संग माखन खाया।
वो ही नटखट, वो ही योगी, जिसने प्रेम सिखाया,
उसके चरणों में झुक के, सारा जग हर्षाया।

छंद 5 -
आओ सब मिल गाएँ, कृष्ण कन्हैया प्यारे,
ताली-मृदंग-ढोलक संग, जय-जयकारे न्यारे।
भक्ति से जो ध्यावे, हो जाएँ वारे-न्यारे,
जन्माष्टमी पावन आई, भर दो झोली सारे।

बुधवार, 2 सितंबर 2026

ऐसे बजरंग बाला - मात अंजनी का लाला


       

                          

**फिल्मी तर्ज - मिलो न तुम तो हम घबरायें पर आधारित**

1.
लाल लँगोटा लाल सिंदूरी
तन पर शोभा न्यारी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
संकट हरता नाम तुम्हारा
किरपा बरसे भारी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
2.
राम नाम की माला जपते
मन में राम समाया
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
केसरी नंदन पवन पुत्र तुम
जग ने शीश झुकाया
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
3.
नाम सुने तो थर थर कांपे
भूत पिशाच सारे
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
जो भी शरण तुम्हारी आये
दुःख उसके टल जाये
भक्तों को दे देते सहारा
बनके रखवाला
ऐसे बजरंग बाला
4.
सीया सुध लाने को लंका
एक छलांग में लांघा
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
अक्षय कुमार को मार गिराया
रावण का मान भंगा
सोने की लंका को पल में
तुमने आग लगाया
ऐसे बजरंग बाला
**5.**
राम काज सब आलोक कहे अब
तुम बिन कौन करे जी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
दास की अर्जी सुन लो बजरंगी
विनती बारम्बार जी
भक्त और भगवान का ये तो
रिश्ता बड़ा निराला
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला


भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं - शिव भजन लिरिक्स | Bhole Nath Bhajan

**।। भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ।।**   भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं, माथे चंदा सजे है जिनके, जटा...