**।। भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ।।**
भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं,
माथे चंदा सजे है जिनके, जटा में गंगा धारा,
ऐसा जटा में गंग बहाने वाला कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥
**छंद 1**
भस्म रमाये अंग में सोहे, त्रिनेत्र धारी मतवाला,
तीनो लोक का स्वामी होके, फिर भी रहे निराला,
ऐसा औघड़ दानी दाता कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥
**छंद 2**
नंदी पर हो सवार जो निकले, डमरू त्रिशूल वाला,
काल भी थर-थर कांपे देख के, ऐसा रूप विशाला,
ऐसा काल का काल कहाने वाला कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥
**छंद 3**
विष पीकर जो नीलकंठ कहलाये, जग को अमृत पिलाया,
देवों ने भी शीश झुकाया, भक्तों को गले लगाया,
ऐसा विष को अमृत बनाने वाला कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥
**छंद 4**
शमशान में भी ध्यान लगाये, कैलाश पे डेरा डाला,
भूत प्रेत भी संग में नाचे, ऐसा भोला भाला,
ऐसा शिवा को संग नचाने वाला कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥
**छंद 5**
'आलोक' प्यासा दर का तेरे, तेरी शरण में आया,
तूने सबकी बिगड़ी बनाई, मुझको क्यों बिसराया,
तेरे सिवा इस दास का रखवाला कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥




