डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ,
अपनी मर्जी से बांधे, अपनी मर्जी से छोड़े,
शिव ही जाने किसको, कब वो अपने पास जोड़े,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
शिव ही जाने किसको, कब वो अपने पास जोड़े,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
कोई बंधा है दूर से, कोई बंधा है पास से,
कोई हँसे इस डोर में, कोई रोये उदास से,
तेरी लीला तू ही जाने, हम तो बस तेरे दास से,
तेरी डोरी का इशारा, समझे कोई क्या भला,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ
जब से डोरी थाम ली, भोले तेरे नाम की,
छूट गई चिंता सभी, इस झूठे संसार की,
तू खिंचे तो खिंच आएं, तेरे कैलाश धाम की,
नाच उठे मन बावरा, सुनके थाप डमरू की,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
अंतरा 3 -
गिरते को तू थाम लेता, डोरी खींच संभाल के,
डूबते को तार देता, भवसागर से निकाल के,
टूटे ना ये प्रेम बंधन, जन्मों-जन्मों तक ये बंधन,
तेरे भक्तों की ये डोरी, बड़ी पावन बड़ी कठोर,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
गिरते को तू थाम लेता, डोरी खींच संभाल के,
डूबते को तार देता, भवसागर से निकाल के,
टूटे ना ये प्रेम बंधन, जन्मों-जन्मों तक ये बंधन,
तेरे भक्तों की ये डोरी, बड़ी पावन बड़ी कठोर,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
अंतरा 4
कहे 'आलोक' सुनो भोले, विनती एक हमारी है,
जब तक सांसें हैं तन में, डोरी हाथ तुम्हारी है,
धीरे खींचो या जोर से, मर्जी है तुम्हारी है,
हम तो नाचेंगे हर हाल में, बनके दास तुम्हारे,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
