सोमवार, 31 अगस्त 2026
तेरे बिना मोहे चैन ना आए - एक भावपूर्ण कृष्ण भजन | Mere Sanware Bhajan,2026
भजन - "तेरे बिना मोहे चैन ना आए"
तेरे बिना मोहे चैन ना आए, मेरे श्याम
तरसे हैं नयन, अब तो आ जाए, मेरे श्याम
तेरे बिना मोहे चैन ना आए...
तू ही तो प्राण, तू ही तो प्यारा
तू ही है मेरा, एक सहारा
तेरी ही मुरली, मन में बाजे
तेरे ही नाम से, धड़कन साजे
सूनी लगे अब हर बँसुरिया
आकर बसा जा, दिल की डगरिया
तेरे बिना मोहे चैन ना आए...
श्याम बिना ये जीवन सूना
पल पल तड़पे, मन का कोना
कैसी ये दूरी, कैसा ये बंधन
तुझ बिन लागे फीका ये जीवन
रातें भी रूठीं, दिन भी पराए
चंदा की चाँदनी, मन को जलाए
तेरे बिना मोहे चैन ना आए...
एक बार आकर, दरस दिखा जा
इस व्याकुल मन को, धीर बंधा जा
आसन लगाऊँ हृदय के भीतर
तुझको बसाऊँ मैं रूह के भीतर
मेरा तो सर्वस्व, सब तेरा है
ये तन-मन-जीवन, सब तेरा है
तेरे बिना मोहे चैन ना आए...
तेरे बिना मोहे चैन ना आए, मेरे श्याम
तरसे हैं नयन, अब तो आ जाए, मेरे श्याम
डोरी तो भोले के हाथ है - भक्त और भगवान के अटूट रिश्ते का भजन | Dori To Bhole Ke Haath Bhajan Lyrics
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ,
अपनी मर्जी से बांधे, अपनी मर्जी से छोड़े,
शिव ही जाने किसको, कब वो अपने पास जोड़े,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
शिव ही जाने किसको, कब वो अपने पास जोड़े,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
कोई बंधा है दूर से, कोई बंधा है पास से,
कोई हँसे इस डोर में, कोई रोये उदास से,
तेरी लीला तू ही जाने, हम तो बस तेरे दास से,
तेरी डोरी का इशारा, समझे कोई क्या भला,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ
जब से डोरी थाम ली, भोले तेरे नाम की,
छूट गई चिंता सभी, इस झूठे संसार की,
तू खिंचे तो खिंच आएं, तेरे कैलाश धाम की,
नाच उठे मन बावरा, सुनके थाप डमरू की,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
अंतरा 3 -
गिरते को तू थाम लेता, डोरी खींच संभाल के,
डूबते को तार देता, भवसागर से निकाल के,
टूटे ना ये प्रेम बंधन, जन्मों-जन्मों तक ये बंधन,
तेरे भक्तों की ये डोरी, बड़ी पावन बड़ी कठोर,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
गिरते को तू थाम लेता, डोरी खींच संभाल के,
डूबते को तार देता, भवसागर से निकाल के,
टूटे ना ये प्रेम बंधन, जन्मों-जन्मों तक ये बंधन,
तेरे भक्तों की ये डोरी, बड़ी पावन बड़ी कठोर,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
अंतरा 4
कहे 'आलोक' सुनो भोले, विनती एक हमारी है,
जब तक सांसें हैं तन में, डोरी हाथ तुम्हारी है,
धीरे खींचो या जोर से, मर्जी है तुम्हारी है,
हम तो नाचेंगे हर हाल में, बनके दास तुम्हारे,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...
भक्ति के रंग में रंगे हनुमान नज़र आए | नया हनुमान भजन 2026
भक्ति की जोत जली तो, हनुमत पास आए
देखा जो दिल को उनके, सियाराम मुस्काए
भक्ति के रंग में रंगे, हनुमान नज़र आए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
भक्ति के रंग में रंगे, हनुमान नज़र आए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
किष्किंधा के वन-वन में, पवनपुत्र मिल जाए
राम से मिलन कराया, बिगड़े काज बनाए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
लंका नगरी लाँघ गए, मुद्रिका संग लाए
अशोक वाटिका में जाकर, जनकसुता को धीर बंधाए
अक्षय को संहारा, लंका शीश झुकाए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
बैद्य सुषेण ने बोला, बूटी कौन लाए
धौलागिरी पर्वत उठा के, पवन वेग से आए
वीर बजरंगी बनके, प्राण लखन बचाए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
अहंकार में रावण बोला, वानर कौन कहाए
सिंहासन से हनुमत ने, तभी उसे गिराए
भरी सभा में गर्व मिटा, जय श्रीराम गाए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
भक्ति के रंग में रंगे, हनुमान नज़र आए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
हे पवनसुत लौट के आओ, मेरे राम बुलाते हैं - लक्ष्मण मूर्छा पर आधारित हृदयस्पर्शी भजन

हे पवनसुत लौट के आओ, मेरे राम बुलाते हैं
मूर्छित पड़े हैं लखन लाल, प्रभु तुम्हें बुलाते हैं
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
एकटक निहारें उस राह को, जिस पर तुम चल के जाओगे
सूनी पड़ी है सारी सेना, सब तुम्हें बुलाते हैं
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
सुग्रीव व्याकुल, जामवंत अधीर, सबकी साँसें थमती हैं
भालू वानर हाथ जोड़कर, बस तुम्हारी बाट तकते हैं
बीती जाए अंधियारी रैना, भोर होने को आती है
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
कभी हृदय से लगा के भाई को, प्रभु नीर बहाते हैं
कभी गगन की ओर देखकर, पवन को समझाते हैं
जाओ पवन तुम वेग दिखाओ, मेरे हनुमत आते हैं
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
कभी गगन की ओर देखकर, पवन को समझाते हैं
जाओ पवन तुम वेग दिखाओ, मेरे हनुमत आते हैं
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
भालू वानर हाथ जोड़कर, बस तुम्हारी बाट तकते हैं
बीती जाए अंधियारी रैना, भोर होने को आती है
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
भरोसा है तुम खाली हाथों, कभी नहीं लौटोगे
संजीवन संग विजय की आशा, अंजनीसुत लाओगे
तुम आओगे तो लखन उठेंगे, ये सब विश्वास जताते हैं
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
संजीवन संग विजय की आशा, अंजनीसुत लाओगे
तुम आओगे तो लखन उठेंगे, ये सब विश्वास जताते हैं
आ जाओ, आ जाओ वीर हनुमान, मेरे राम बुलाते हैं
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मुखड़ा - गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना, भव सागर में डोलूं, आकर संभाल लेना, गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥ छंद 1 - तुम ज्ञान के ह...



