भक्ति की जोत जली तो, हनुमत पास आए
देखा जो दिल को उनके, सियाराम मुस्काए
भक्ति के रंग में रंगे, हनुमान नज़र आए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
भक्ति के रंग में रंगे, हनुमान नज़र आए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
किष्किंधा के वन-वन में, पवनपुत्र मिल जाए
राम से मिलन कराया, बिगड़े काज बनाए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
लंका नगरी लाँघ गए, मुद्रिका संग लाए
अशोक वाटिका में जाकर, जनकसुता को धीर बंधाए
अक्षय को संहारा, लंका शीश झुकाए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
बैद्य सुषेण ने बोला, बूटी कौन लाए
धौलागिरी पर्वत उठा के, पवन वेग से आए
वीर बजरंगी बनके, प्राण लखन बचाए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
अहंकार में रावण बोला, वानर कौन कहाए
सिंहासन से हनुमत ने, तभी उसे गिराए
भरी सभा में गर्व मिटा, जय श्रीराम गाए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए
भक्ति के रंग में रंगे, हनुमान नज़र आए
चीर दिया सीना... सियाराम नज़र आए

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