सोमवार, 31 अगस्त 2026

डोरी तो भोले के हाथ है - भक्त और भगवान के अटूट रिश्ते का भजन | Dori To Bhole Ke Haath Bhajan Lyrics

                  



डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ,
अपनी मर्जी से बांधे, अपनी मर्जी से छोड़े,
शिव ही जाने किसको, कब वो अपने पास जोड़े,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...

अंतरा 1 -
कोई बंधा है दूर से, कोई बंधा है पास से,
कोई हँसे इस डोर में, कोई रोये उदास से,
तेरी लीला तू ही जाने, हम तो बस तेरे दास से,
तेरी डोरी का इशारा, समझे कोई क्या भला,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ

अंतरा 2 -
जब से डोरी थाम ली, भोले तेरे नाम की,
छूट गई चिंता सभी, इस झूठे संसार की,
तू खिंचे तो खिंच आएं, तेरे कैलाश धाम की,
नाच उठे मन बावरा, सुनके थाप डमरू की,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...

अंतरा 3 -
गिरते को तू थाम लेता, डोरी खींच संभाल के,
डूबते को तार देता, भवसागर से निकाल के,
टूटे ना ये प्रेम बंधन, जन्मों-जन्मों तक ये बंधन,
तेरे भक्तों की ये डोरी, बड़ी पावन बड़ी कठोर,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...


अंतरा 4 
कहे 'आलोक' सुनो भोले, विनती एक हमारी है,
जब तक सांसें हैं तन में, डोरी हाथ तुम्हारी है,
धीरे खींचो या जोर से, मर्जी है तुम्हारी है,
हम तो नाचेंगे हर हाल में, बनके दास तुम्हारे,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...

1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

Bhakti aur bhagwan ke bich ka anokha sangam, dori to bhole ke hath me is bhajan ke dwara prastut kiya gya hai yhaa

जय अम्बे खप्पर वाली -नया भजन 2026

                          जय अम्बे खप्पर वाली ।। जय अम्बे खप्पर वाली, जय संकट हरने वाली, तेरी महिमा गाये भारती, ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आर...