रविवार, 20 सितंबर 2026
जय अम्बे खप्पर वाली -नया भजन 2026
जय अम्बे खप्पर वाली ।।
जय अम्बे खप्पर वाली, जय संकट हरने वाली,
तेरी महिमा गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
2
भक्तों पर जब भीड़ पड़ी, तू दौड़ी आई माता,
सिंह चढ़ी ललकार करे, काँपे दानव-दल सारा ।
सहस्र भुजा बल धारिणी,
रक्तबीज संहारिणी,
क्षण में रिपु को मार गिराती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
3
तू ही काली तू ही दुर्गा, तू ही जग की त्राता,
खप्पर खड्ग त्रिशूल लिए, दुष्टों की संहारिणी माता ।
ज्वाला मुखी, ज्वाला वाली,
तेरे चरणों के मतवाली,
भवसागर से पार लगाती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
4
माँ-बेटे का जग में, सबसे पावन नाता,
पुत्र कुपुत्र भले हो जाए, माता नहीं कुमाता ।
करुणा की बरसात करने वाली,
दीनों के दुख हरने वाली,
आँचल में अमृत बरसाती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
5
तेरे द्वार जो आए, खाली न जाए मैया,
भक्ति का वर दे, ममता लुटाए मैया ।
हम हैं तेरे बालक सारे,
तेरे ही द्वारे पधारे,
एक तेरे ही गुण गाते,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
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