शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

"तुम शरणाई आया"नया भजन 2026




नया भजन - "तुम शरणाई आया"

तुम शरणाई आया ठाकुर, तुम शरणाई आया,
मिट गयो मेरे मन का अंधियारा,
जब से अलख जगाया,
तुम शरणाई आया ठाकुर, तुम शरणाई आया।। 1 ।।

बिन बोले सब पीर पछानी,
बिन बोले सब पीर पछानी,
निर्धन को धन धाम लुटाया, ठाकुर,
तुम शरणाई आया,
तुम शरणाई आया ठाकुर, तुम शरणाई आया।। 2 ।।

भ्रम के बंधन सहज ही टूटे,
हृदय कमल विकसाया, ठाकुर,
तुम शरणाई आया,
तुम शरणाई आया ठाकुर, तुम शरणाई आया।। 3 ।।

भवसागर की लहर डुबोवे,
तुम ही पार लगाया, ठाकुर,
तुम शरणाई आया,
तुम शरणाई आया ठाकुर, तुम शरणाई आया।। 4 ।।

कहो आलोक दास अब केहि बिसरूँ,
कहो आलोक दास अब केहि बिसरूँ,
तुमने आपनाय अपनाया, ठाकुर,
तुम शरणाई आया,
तुम शरणाई आया ठाकुर, तुम शरणाई आया।। 5 ।।


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