नया भजन - "मुझे चरणों में बसा लो राम"
मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम!
जग ने ठुकराया मैं हार गया,
अब तो अपना कह दो राम, कह दो राम!
मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम! || 1 ||
माया ने भरमाया नाथ मुझे,
अपना कहके बहकाया मुझे,
तन का दीपक बुझने वाला है,
अपनी लौ में ले लो राम, ले लो राम!
मुझे अपनी शरण में ले लो राम! || 2 ||
न मेरे जप-तप, न साधन भजन,
खाली हाथ हूँ, मैला है ये मन,
जैसा भी हूँ तुम्हारा ही तो हूँ,
अपने जन में ले लो राम, ले लो राम!
मुझे अपनी शरण में ले लो राम! || 3 ||
द्वार तुम्हारे आकर देखा,
लिखी भाग्य में प्रेम की रेखा,
नैनन में यदि जगह नहीं तो,
नैनन जल में ले लो राम, ले लो राम!
मुझे अपनी शरण में ले लो राम! || 4 ||
इस जीवन में दर्शन दे दो,
नहीं तो अंतिम श्वास में ले लो,
राम नाम ही मुक्ति मेरी,
मुझे उसी क्षण में ले लो राम, ले लो राम!
मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम! || 5 ||
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