"तेरी कृपा से कन्हैया"
छंद 1 -
तेरी कृपा से कन्हैया, हर काज बन रहा है,
तू ही संभाले मोहन, सम्मान बढ़ रहा है ||
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है,
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है ||
छंद 2 -
न मैं चतुर न ज्ञानी, बस तेरा हो रहा हूँ,
तेरी शरण में आकर, खुद से मैं खो रहा हूँ ||
बिन बोले सब समझते, एहसान हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||
छंद 3 -
जो बिगड़े थे नसीबा, वो पल में संवर गए,
तेरा नाम लेते ही, दुख सारे बिखर गए ||
तेरे चरणों में आके, विश्राम हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||
छंद 4 -
ना धन की चाह मुझको, ना कोई आस बाकी,
जब से मिले हो तुमसे, पूरी हर प्यास बाकी ||
तेरे भरोसे मेरा, हर शाम हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||
छंद 5 -
दुनिया के सहारे तो, पल भर में छूटते हैं,
तेरे सहारे मोहन, किस्मत को लूटते हैं ||
पकड़ा है हाथ तेरा, कल्याण हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||

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