भजन - श्याम चूड़ी बेचने आया
स्थायी -
श्याम चूड़ी बेचने आया।
नटवर का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
1.
माथे मोर मुकुट छुपाया, पगड़ी से रूप सजाया।
कंगन झोली बीच छुपाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
2.
वृन्दावन की गली में आया, राधा नाम की टेर लगाया।
सुनते ही राधा दौड़ी आयी, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
3.
बोली राधा चूड़ी पहना, नीली-पीली नहीं है पहनना।
मुझे तो बस श्याम रंग भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
4.
राधा हाथ आगे बढ़ाती, श्याम कलाई थामे जाती।
मंद-मंद वो मुस्काया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
5.
चूड़ी पहना प्रेम बढ़ाया, राधा का श्याम ने हाथ दबाया।
'छलिया' कह राधे शरमाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

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