सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे शुभ निष्काम।
सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥
भस्म रमाए फिरें त्रिपुरारी, देते सबको सुख का धाम।
भक्तों के दुख हरने वाले, गौरी पति को कोटि प्रणाम ॥
सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥
जटा में गंगा चंदा माथे, कंठ में सोहे नागों माला।
डम डम डमरू बाजत द्वारे, तीन लोक के हैं रखवाला ॥
सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥
शिव के दर पर जो भी आया, खाली कभी न लौटा धाम।
कहत **आलोक** सुनो रे मनवा, भजले शिव का आठों याम ॥
सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥
शिव भजने से मन निर्मल हो, मिट जाये हर कष्ट तमाम।
शिव ही सत्य शिव ही सुंदर, शिव ही जीवन का आराम ॥
सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

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