शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

श्याम चूड़ी बेचने आया-कृष्ण भजन




भजन - श्याम चूड़ी बेचने आया




स्थायी -
 श्याम चूड़ी बेचने आया।
नटवर का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

1.
माथे मोर मुकुट छुपाया, पगड़ी से रूप सजाया।
कंगन झोली बीच छुपाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

2.
वृन्दावन की गली में आया, राधा नाम की टेर लगाया।
सुनते ही राधा दौड़ी आयी, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

3.
बोली राधा चूड़ी पहना, नीली-पीली नहीं है पहनना।
मुझे तो बस श्याम रंग भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

4.
राधा हाथ आगे बढ़ाती, श्याम कलाई थामे जाती।
मंद-मंद वो मुस्काया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

5.
चूड़ी पहना प्रेम बढ़ाया, राधा का श्याम ने हाथ दबाया।
'छलिया' कह राधे शरमाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

भजन - तू प्यार का सागर है



भजन - तू प्यार का सागर है

ध्रुव पद -
तू प्यार का सागर है, तेरी इक बूँद के प्यासे हम,
जो दर से है ठुकराया, जाएँ तो जाएँ कहाँ से हम।
तू प्यार का सागर है...

छंद 1 -
भटका है मन का राही, सूझे न कोई किनारा,
गहरी है मोह की नदिया, डूबा है जग ये सारा।
तू ही बता दे केवट, आए हैं किस जिया से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 2 -
साँसों की डोर है कच्ची, पल-पल है टूट रही,
आशा की लौ है धुंधली, बुझ-बुझ के छूट रही।
दे दे सहारा ज़रा सा, बिखरे हैं जहाँ-जहाँ से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 3 -
तेरे ही हाथ में लेखा, तेरे ही हाथ में लेखनी,
तू ही है माफ़ करने वाला, तू ही है सबकी देखनी।
भूले हैं राह जो अपनी, ला दे उसी डगर से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 4 -
कर्मों की खेती जो बोई, वही यहाँ काटनी है,
तेरी अदालत सबसे न्यारी, सच्ची ही बाटनी है।
कर दे क्षमा अपराधों को, शर्मिंदा हैं खता से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 5 -
आना है, जाना है सबको, ये खेल चार दिनों का,
क्या लेके आया बंदा, क्या लेके जाए सपनों का।
अंत समय इतना कर दे, हँस के विदा हों यहाँ से हम,
तू प्यार का सागर है...

गुरुवार, 3 सितंबर 2026

नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,


                     



छंद 1 -
नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,
भादो अष्टमी अँधेरी रात, चमकी किस्मत ग्वाल की।
मथुरा में कारा टूटी, माया सब टाल की,
यशोदा की गोद धन्य हुई, जय कन्हैया लाल की।

छंद 2 -
वसुदेव-देवकी के नयनन में ज्योति आई,
घन गरजे, यमुना उमड़ी, प्रभु ने राह बनाई।
शेषनाग ने फन ताना, वर्षा भी थम सी जाई,
नंदबाबा के द्वारे देखो, खुशियाँ झूम के छाई।

छंद 3 -
मोर मुकुट पीतांबर सोहे, मुख पर मृदु मुस्कान,
छोटी-छोटी गैया संग, छेड़े मधुर तान।
यशोदा ले बलैया, कहे मेरो प्राण,
तेरे दरस को तरसे, सारा बृज महान।

छंद 4 -
जिसने कंस का मान मिटाया, गीता ज्ञान सुनाया,
द्रौपदी की लाज बचाई, ग्वालों संग माखन खाया।
वो ही नटखट, वो ही योगी, जिसने प्रेम सिखाया,
उसके चरणों में झुक के, सारा जग हर्षाया।

छंद 5 -
आओ सब मिल गाएँ, कृष्ण कन्हैया प्यारे,
ताली-मृदंग-ढोलक संग, जय-जयकारे न्यारे।
भक्ति से जो ध्यावे, हो जाएँ वारे-न्यारे,
जन्माष्टमी पावन आई, भर दो झोली सारे।

बुधवार, 2 सितंबर 2026

ऐसे बजरंग बाला - मात अंजनी का लाला


       

                          

**फिल्मी तर्ज - मिलो न तुम तो हम घबरायें पर आधारित**

1.
लाल लँगोटा लाल सिंदूरी
तन पर शोभा न्यारी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
संकट हरता नाम तुम्हारा
किरपा बरसे भारी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
2.
राम नाम की माला जपते
मन में राम समाया
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
केसरी नंदन पवन पुत्र तुम
जग ने शीश झुकाया
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
3.
नाम सुने तो थर थर कांपे
भूत पिशाच सारे
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
जो भी शरण तुम्हारी आये
दुःख उसके टल जाये
भक्तों को दे देते सहारा
बनके रखवाला
ऐसे बजरंग बाला
4.
सीया सुध लाने को लंका
एक छलांग में लांघा
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
अक्षय कुमार को मार गिराया
रावण का मान भंगा
सोने की लंका को पल में
तुमने आग लगाया
ऐसे बजरंग बाला
**5.**
राम काज सब आलोक कहे अब
तुम बिन कौन करे जी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
दास की अर्जी सुन लो बजरंगी
विनती बारम्बार जी
भक्त और भगवान का ये तो
रिश्ता बड़ा निराला
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला


मंगलवार, 1 सितंबर 2026

गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना,




मुखड़ा -

गुरुदेव मेरी नैया,
उस पार लगा देना,
भव सागर में डोलूं,
आकर संभाल लेना,
गुरुदेव मेरी नैया,
उस पार लगा देना ॥

छंद 1 -
तुम ज्ञान के हो सागर, मैं अज्ञानी दास तुम्हारा,
तुमने ही दिखलाया, है मुक्ति का द्वारा,
भटका हूँ अंधियारे में, उजियारा दिखा देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 2 -
तुम शब्द ब्रह्म स्वरूप, तुम वाणी के सार,
तुम बिना नहीं कोई, मेरा खेवनहार,
मंत्रों से पावन कर, मन मेरा बना देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 3 -
यह मन बड़ा चंचल, माया में भरमाए,
क्षण भर भी तुमसे हटके, चैन न पाय,
बांधो प्रेम की डोरी, अपना बना लेना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 4 -
संसार के ये बंधन, अब तोड़ो सतगुरु मेरे,
चरणों में थोड़ी सी, जगह दे दो मेरे,
सेवा में जीवन बीते, ऐसा वर दे देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 5 -
जब अंतिम समय आए, तुम सामने आ जाना,
अपने ही हाथों से, भव बंध छुड़ा जाना,
अब तक तो निभाया जैसे, आगे भी निभा देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम - नया शिव भजन





सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे शुभ निष्काम।

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

भस्म रमाए फिरें त्रिपुरारी, देते सबको सुख का धाम।

भक्तों के दुख हरने वाले, गौरी पति को कोटि प्रणाम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

जटा में गंगा चंदा माथे, कंठ में सोहे नागों माला।

डम डम डमरू बाजत द्वारे, तीन लोक के हैं रखवाला ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

शिव के दर पर जो भी आया, खाली कभी न लौटा धाम।

कहत **आलोक** सुनो रे मनवा, भजले शिव का आठों याम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

शिव भजने से मन निर्मल हो, मिट जाये हर कष्ट तमाम।

शिव ही सत्य शिव ही सुंदर, शिव ही जीवन का आराम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

नजर में बसा लो सांवरे बिहारी

      नजर में बसा लो सांवरे बिहारी छंद 1 - जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी, नैनन में भर लूं सूरत तुम्हारी। विरह में तरसे है अखियां हमारी, नजर म...