मंगलवार, 1 सितंबर 2026

हे गजानन आपकी दरकार है

 हे गजानन आपकी दरकार है,



श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

शुभ मुहूरत अब चला है आइये,
मंगल मूर्ति रूप दिखा जाइये,
आप बिन सूना पड़ा त्यौहार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

मोदक भोग और दूर्वा लाए हैं,
श्रद्धा से थाल सजाए लाए हैं,
आपके स्वागत को सब तैयार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

प्रथम पूज्य आपको ही मानते,
श्याम से पहले आपको ही ध्याते,
आपसे ही हर कार्य साकार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

भक्त मंडली खड़ी दरबार में,
अर्जी लेकर श्याम के दरबार में,
कहे आलोक अब तो बस एक आस है,
आप आओ तो ही उत्सव खास है,
आपसे ही गूंजे जय जयकार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

हे गजानन आपकी दरकार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥















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