मंगलवार, 8 सितंबर 2026

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥





श्याम सवेरे देखूँ तुझको, मन में उठे उजियारा,

तेरी छवि से जीवन मेरा, बन जाए सुखसारा।

हर पल तुझको पुकारूँ मैं, तस्वीर को निहारूँ मैं,

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

तेरी मुस्कान से सावरिया, किस्मत जगमग हो जाती,

तेरे चरण पकड़ ले कोई, जीवन धन्य बन जाती।

हर क्षण तुझको पुकारूँ मैं, तस्वीर को निहारूँ मैं,

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

गिरने से पहले आकर बाबा, तू ही मुझे संभाले,

तूफ़ानों से पार उतारे, विश्वास यही मतवाले।

तन-मन तुझको अर्पण करूँ, तस्वीर को निहारूँ मैं,

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

तेरे आगे सारी दुनिया, फीकी सी लग जाती है,

तेरे प्रेम की गहराई, नजदीकी बन जाती है।

तक़दीर अपनी सँवारूँ मैं, तस्वीर को निहारूँ मैं,

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥


श्याम कृपा से जीवन मेरा, हर दुख-दर्द मिट जाता,

तेरे नाम का जप करूँ मैं, हर पल सुख मिल जाता।

भक्ति में डूबा रहूँ सदा, तस्वीर को निहारूँ मैं,

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

नजर में बसा लो सांवरे बिहारी

   नजर में बसा लो सांवरे बिहारी




छंद 1 -
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी,
नैनन में भर लूं सूरत तुम्हारी।
विरह में तरसे है अखियां हमारी,
नजर में बसा लो छवि ये तुम्हारी,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

छंद 2 -
मोर मुकुट प्यारा, अधर पे मुरलिया,
तेरी मुस्कान पे वारी है दुनिया।
तेरी ये बांकपन, ये मतवारी चाल,
दिल मेरा खींचे है नंद के लाला,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

छंद 3 -
न राधा सी प्रीत है, न मीरा सा त्याग,
फिर भी चरणों में मेरे बड़ा अनुराग।
मैं दासी तुम्हारी, तुम हो गिरधारी,
एक झलक दिखा दो हे कुंज बिहारी,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

छंद 4 -
यमुना किनारे तेरा रास रचाना,
गोपियन संग मिलके मधुर मुस्काना।
उसी रास में मुझको भी बुला लो,
अपनी चरण रज मस्तक लगा लो,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

छंद 5 -
बहुत जन्म बीते आस में तुम्हारी,
अब तो दरस दे दो हे कृष्ण मुरारी।
न चाहूं मैं हीरा, न चाहूं मैं मोती,
बस चाहूं चरणों में प्रीत की ज्योति,
नैनन में भर लूं सूरत तुम्हारी,
जरा पास आओ मेरे बांके बिहारी।।

रविवार, 6 सितंबर 2026

काली कमली वाला मेरा यार है के भावार्थ वाला नया भजन | मेरे मन का मोहन तू दिलदार है



                       



मेरा सांवरा यार

1. मुखड़ा -
काली कमरिया वाला वो यार है,
मेरे मन का मोहन, मेरा प्यार है,
तू ही तो मेरा आँखों का तारा है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

2.
तेरी मुरली पे दिल ये दीवाना,
तेरे नाम का ही जपे तराना,
सांवली सूरत पे दिल ये निसार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

3.
तू है मेरा, मैं हूँ तेरा सांवरे,
छोड़ा जग सारा, आये द्वार तेरे,
तेरे हाथों में अब मेरी पतवार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

4.
एक ही अरज है, एक ही प्यास है,
दर्शन दे दो, दिल उदास है,
तेरी एक झलक को ये दिल बेकरार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

5.
तुझको ही अपना हमने माना है,
जीवन सारा तेरे नाम किया है,
इस दास को बस तेरा इंतज़ार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है।।

शनिवार, 5 सितंबर 2026

जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे -देशभक्ति गीत





गीत - जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे




छंद 1
वतन की मिट्टी से ही प्रीत करेंगे,
इसी की खातिर हर रीत निभाएंगे।
ओ वीर शहीदों तुम दिल में बसे हो,
तुम्हारी ही गाथा हम गुनगुनाएंगे,
लहू से लिखी जो कहानी तुम्हारी,
जुग-जुग तक हम सब दोहराएंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।

छंद 2
तुम सो गए माँ की गोद सजाकर,
हम जाग रहे हैं कसम ये उठाकर।
तेरे लहू की हर बूंद कहती है हमसे,
झुकने न देंगे ये भारत कभी भी,
तेरी चिता की जो राख है चंदन,
माथे पे अपने सदा हम लगाएंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।

छंद 3
लहराएगा तिरंगा गगन से भी ऊँचा,
दुनिया में भारत का परचम रहेगा।
तुम्हारे ही कारण है घर में उजाला,
तुम्हारे ही कारण चूल्हा जलेगा,
तुम्हारी बहन की है राखी अमर अब,
तुम्हारी ही माँ को हम माँ कहेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।

छंद 4
ना भूलेंगे हम वो अंतिम निशानी,
जो दे गए तुम जवानी लुटाकर।
कर्ज़ है तुम पर ये सारा वतन का,
चुकाएंगे हम भी लहू को बहाकर,
शहीदों की विधवा की आँखों का पानी,
मोती समझकर हिफाज़त करेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।

छंद 5
चलो आज फिर से ये वादा निभाएं,
शहीदों के घर को ही मंदिर बनाएं।
ना हिन्दू ना मुस्लिम ना कोई सिख ईसाई,
हम सिर्फ हैं भारतीय कहलाएं,
एकता के ही धागे में बंध कर सभी,
दुश्मन के सीने पे बनके गरजेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।















Ask Meta AI...




तेरी कृपा से कन्हैया, हर काज बन रहा है,



"तेरी कृपा से कन्हैया"


छंद 1 -
तेरी कृपा से कन्हैया, हर काज बन रहा है,
तू ही संभाले मोहन, सम्मान बढ़ रहा है ||
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है,
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है ||

छंद 2 -
न मैं चतुर न ज्ञानी, बस तेरा हो रहा हूँ,
तेरी शरण में आकर, खुद से मैं खो रहा हूँ ||
बिन बोले सब समझते, एहसान हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||

छंद 3 -
जो बिगड़े थे नसीबा, वो पल में संवर गए,
तेरा नाम लेते ही, दुख सारे बिखर गए ||
तेरे चरणों में आके, विश्राम हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||

छंद 4 -
ना धन की चाह मुझको, ना कोई आस बाकी,
जब से मिले हो तुमसे, पूरी हर प्यास बाकी ||
तेरे भरोसे मेरा, हर शाम हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||

छंद 5 -
दुनिया के सहारे तो, पल भर में छूटते हैं,
तेरे सहारे मोहन, किस्मत को लूटते हैं ||
पकड़ा है हाथ तेरा, कल्याण हो रहा है,
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ||


भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं - शिव भजन लिरिक्स | Bhole Nath Bhajan


**।। भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ।।**

 

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं,

माथे चंदा सजे है जिनके, जटा में गंगा धारा,

ऐसा जटा में गंग बहाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 1**

भस्म रमाये अंग में सोहे, त्रिनेत्र धारी मतवाला,

तीनो लोक का स्वामी होके, फिर भी रहे निराला,

ऐसा औघड़ दानी दाता कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 2**

नंदी पर हो सवार जो निकले, डमरू त्रिशूल वाला,

काल भी थर-थर कांपे देख के, ऐसा रूप विशाला,

ऐसा काल का काल कहाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 3**

विष पीकर जो नीलकंठ कहलाये, जग को अमृत पिलाया,

देवों ने भी शीश झुकाया, भक्तों को गले लगाया,

ऐसा विष को अमृत बनाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 4**

शमशान में भी ध्यान लगाये, कैलाश पे डेरा डाला,

भूत प्रेत भी संग में नाचे, ऐसा भोला भाला,

ऐसा शिवा को संग नचाने वाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥


**छंद 5**

'आलोक' प्यासा दर का तेरे, तेरी शरण में आया,

तूने सबकी बिगड़ी बनाई, मुझको क्यों बिसराया,

तेरे सिवा इस दास का रखवाला कोई और नहीं,

भोले नाथ से निराला गोरी नाथ से निराला कोई और नहीं ॥

हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में - 5 छंद वाला गुरु भजन लिरिक्स | Sare Teerth Dham Bhajan



। हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ।।




सारे वेद पुराण आपके चरणों में,
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 1
हाथ जो शिष्य के शीश धरे वो,
भवसागर से पार करे वो,
जिस पर कृपा कटाक्ष हो आपका,
जीवन उसका संवर जाता है,
चारों धाम और चारों वेद,
सिमटे एक प्रणाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 2
ज्ञान का दीप जलाते हो गुरुवर,
अज्ञान का तम मिटाते हो गुरुवर,
भटके हुओं को राह दिखा कर,
जीवन सफल बनाते हो गुरुवर,
काम क्रोध मद लोभ का बंधन,
छूटे सुबहो शाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 3
मात पिता ने देह दी हमको,
आपने जीवन दान दिया है,
मोह माया में फंसे थे हम तो,
आपने ब्रह्म का ज्ञान दिया है,
जन्म मरण के सारे बंधन,
टूटें एक ही नाम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 4
शिष्य है बालक आप पिता हो,
आप ही माता आप सखा हो,
डूबती नैया के खेवैया,
आप ही तो भाग्य विधाता हो,
निर्धन को धनवान बना दो,
पापी को निष्काम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

छंद 5
वाणी में हो अमृत जैसा,
दर्शन में हो शांति का सागर,
आपकी एक मुस्कान से गुरुवर,
भर जाता है मन का गागर,
इस दास की बस एक ही इच्छा,
जीवन बीते आठों याम आपके चरणों में,
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में ॥

दोहा -
गुरु बिन ज्ञान न उपजे,
गुरु बिन मिले न मोक्ष,
गुरु कृपा जब होत है,
मिटे सकल भव शोक ॥

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

श्याम चूड़ी बेचने आया-कृष्ण भजन




भजन - श्याम चूड़ी बेचने आया




स्थायी -
 श्याम चूड़ी बेचने आया।
नटवर का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

1.
माथे मोर मुकुट छुपाया, पगड़ी से रूप सजाया।
कंगन झोली बीच छुपाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

2.
वृन्दावन की गली में आया, राधा नाम की टेर लगाया।
सुनते ही राधा दौड़ी आयी, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

3.
बोली राधा चूड़ी पहना, नीली-पीली नहीं है पहनना।
मुझे तो बस श्याम रंग भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

4.
राधा हाथ आगे बढ़ाती, श्याम कलाई थामे जाती।
मंद-मंद वो मुस्काया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

5.
चूड़ी पहना प्रेम बढ़ाया, राधा का श्याम ने हाथ दबाया।
'छलिया' कह राधे शरमाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥

भजन - तू प्यार का सागर है



भजन - तू प्यार का सागर है

ध्रुव पद -
तू प्यार का सागर है, तेरी इक बूँद के प्यासे हम,
जो दर से है ठुकराया, जाएँ तो जाएँ कहाँ से हम।
तू प्यार का सागर है...

छंद 1 -
भटका है मन का राही, सूझे न कोई किनारा,
गहरी है मोह की नदिया, डूबा है जग ये सारा।
तू ही बता दे केवट, आए हैं किस जिया से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 2 -
साँसों की डोर है कच्ची, पल-पल है टूट रही,
आशा की लौ है धुंधली, बुझ-बुझ के छूट रही।
दे दे सहारा ज़रा सा, बिखरे हैं जहाँ-जहाँ से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 3 -
तेरे ही हाथ में लेखा, तेरे ही हाथ में लेखनी,
तू ही है माफ़ करने वाला, तू ही है सबकी देखनी।
भूले हैं राह जो अपनी, ला दे उसी डगर से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 4 -
कर्मों की खेती जो बोई, वही यहाँ काटनी है,
तेरी अदालत सबसे न्यारी, सच्ची ही बाटनी है।
कर दे क्षमा अपराधों को, शर्मिंदा हैं खता से हम,
तू प्यार का सागर है...

छंद 5 -
आना है, जाना है सबको, ये खेल चार दिनों का,
क्या लेके आया बंदा, क्या लेके जाए सपनों का।
अंत समय इतना कर दे, हँस के विदा हों यहाँ से हम,
तू प्यार का सागर है...

गुरुवार, 3 सितंबर 2026

नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,


                     



छंद 1 -
नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,
भादो अष्टमी अँधेरी रात, चमकी किस्मत ग्वाल की।
मथुरा में कारा टूटी, माया सब टाल की,
यशोदा की गोद धन्य हुई, जय कन्हैया लाल की।

छंद 2 -
वसुदेव-देवकी के नयनन में ज्योति आई,
घन गरजे, यमुना उमड़ी, प्रभु ने राह बनाई।
शेषनाग ने फन ताना, वर्षा भी थम सी जाई,
नंदबाबा के द्वारे देखो, खुशियाँ झूम के छाई।

छंद 3 -
मोर मुकुट पीतांबर सोहे, मुख पर मृदु मुस्कान,
छोटी-छोटी गैया संग, छेड़े मधुर तान।
यशोदा ले बलैया, कहे मेरो प्राण,
तेरे दरस को तरसे, सारा बृज महान।

छंद 4 -
जिसने कंस का मान मिटाया, गीता ज्ञान सुनाया,
द्रौपदी की लाज बचाई, ग्वालों संग माखन खाया।
वो ही नटखट, वो ही योगी, जिसने प्रेम सिखाया,
उसके चरणों में झुक के, सारा जग हर्षाया।

छंद 5 -
आओ सब मिल गाएँ, कृष्ण कन्हैया प्यारे,
ताली-मृदंग-ढोलक संग, जय-जयकारे न्यारे।
भक्ति से जो ध्यावे, हो जाएँ वारे-न्यारे,
जन्माष्टमी पावन आई, भर दो झोली सारे।

बुधवार, 2 सितंबर 2026

ऐसे बजरंग बाला - मात अंजनी का लाला


       

                          

**फिल्मी तर्ज - मिलो न तुम तो हम घबरायें पर आधारित**

1.
लाल लँगोटा लाल सिंदूरी
तन पर शोभा न्यारी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
संकट हरता नाम तुम्हारा
किरपा बरसे भारी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
2.
राम नाम की माला जपते
मन में राम समाया
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
केसरी नंदन पवन पुत्र तुम
जग ने शीश झुकाया
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
3.
नाम सुने तो थर थर कांपे
भूत पिशाच सारे
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
जो भी शरण तुम्हारी आये
दुःख उसके टल जाये
भक्तों को दे देते सहारा
बनके रखवाला
ऐसे बजरंग बाला
4.
सीया सुध लाने को लंका
एक छलांग में लांघा
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
अक्षय कुमार को मार गिराया
रावण का मान भंगा
सोने की लंका को पल में
तुमने आग लगाया
ऐसे बजरंग बाला
**5.**
राम काज सब आलोक कहे अब
तुम बिन कौन करे जी
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला
दास की अर्जी सुन लो बजरंगी
विनती बारम्बार जी
भक्त और भगवान का ये तो
रिश्ता बड़ा निराला
ऐसे बजरंग बाला
मात अंजनी का लाला


मंगलवार, 1 सितंबर 2026

गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना,




मुखड़ा -

गुरुदेव मेरी नैया,
उस पार लगा देना,
भव सागर में डोलूं,
आकर संभाल लेना,
गुरुदेव मेरी नैया,
उस पार लगा देना ॥

छंद 1 -
तुम ज्ञान के हो सागर, मैं अज्ञानी दास तुम्हारा,
तुमने ही दिखलाया, है मुक्ति का द्वारा,
भटका हूँ अंधियारे में, उजियारा दिखा देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 2 -
तुम शब्द ब्रह्म स्वरूप, तुम वाणी के सार,
तुम बिना नहीं कोई, मेरा खेवनहार,
मंत्रों से पावन कर, मन मेरा बना देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 3 -
यह मन बड़ा चंचल, माया में भरमाए,
क्षण भर भी तुमसे हटके, चैन न पाय,
बांधो प्रेम की डोरी, अपना बना लेना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 4 -
संसार के ये बंधन, अब तोड़ो सतगुरु मेरे,
चरणों में थोड़ी सी, जगह दे दो मेरे,
सेवा में जीवन बीते, ऐसा वर दे देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

छंद 5 -
जब अंतिम समय आए, तुम सामने आ जाना,
अपने ही हाथों से, भव बंध छुड़ा जाना,
अब तक तो निभाया जैसे, आगे भी निभा देना,
गुरुदेव मेरी नैया, उस पार लगा देना ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम - नया शिव भजन





सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे शुभ निष्काम।

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

भस्म रमाए फिरें त्रिपुरारी, देते सबको सुख का धाम।

भक्तों के दुख हरने वाले, गौरी पति को कोटि प्रणाम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

जटा में गंगा चंदा माथे, कंठ में सोहे नागों माला।

डम डम डमरू बाजत द्वारे, तीन लोक के हैं रखवाला ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

शिव के दर पर जो भी आया, खाली कभी न लौटा धाम।

कहत **आलोक** सुनो रे मनवा, भजले शिव का आठों याम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

शिव भजने से मन निर्मल हो, मिट जाये हर कष्ट तमाम।

शिव ही सत्य शिव ही सुंदर, शिव ही जीवन का आराम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव सँवारें तेरे काम ॥

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती

 भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती




गौरा जी ने हंसकर पूछा जटा में तेरे क्या है जी,
जटा में मेरे गंगा बहती, संग नहा लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा माथे पे ये क्या साजे जी,
माथे पे मेरे चंदा चमके, दर्शन कर लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा गले में नाग हैं कैसे जी,
गले में मेरे भक्तों की माला, तुम भी पहन लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा हाथों में त्रिशूल कैसा जी,
हाथों में मेरे डमरू बाजे, थिरक के नाच लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा अंग में भभूति कैसी जी,
अंग की भभूति मुक्ति दायिनी, तुम लगा लो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गौरा जी ने हंसकर पूछा द्वार पे ये कौन खड़ा है जी,
भोले बोले सुनो मेरी गौरा, आलोक की विनती पड़ी है जी,
आलोक कहे दोनो मिलके, कृपा बरसा दो पार्वती,
भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती...

गजानंद महाराज पधारो, कीर्तन सजा दरबार है,गणेश भजन 2026

                       



गजानंद महाराज पधारो, कीर्तन सजा दरबार है,

आओ आओ बेगा आओ, भक्त खड़ा लाचार है।

प्रथम मनाऊँ तुमको देवा, ध्याऊँ शारदा मात,
मात-पिता गुरु चरण नमूँ, तुम हो भाग्य विधात।

थे आवो तो काज सँवरे, थारे हाथ है लाज हमारी,
रणत भंवर में अटकी नैया, सुन लो अरज हमारी।

मोदक प्रिय मूषक वाहन, महिमा वेद बखान है,
एक दंत दयावंत देवा, करते विघ्न निदान है।

ज्योति जगे तो तमस मिटे, मन को मिले किनारा है,
भव बंधन काटो प्रभु जी, तुम ही एक सहारा है।

रिद्धि सिद्धि संग ले पधारो, भोग पुष्प तैयार है,
भक्तों ने जयकार लगाई, मन में हर्ष अपार है,
कह आलोक पधारो विनायक, अब तो कीर्तन में रस की धार है।

हे गजानन आपकी दरकार है

 हे गजानन आपकी दरकार है,



श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

शुभ मुहूरत अब चला है आइये,
मंगल मूर्ति रूप दिखा जाइये,
आप बिन सूना पड़ा त्यौहार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

मोदक भोग और दूर्वा लाए हैं,
श्रद्धा से थाल सजाए लाए हैं,
आपके स्वागत को सब तैयार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

प्रथम पूज्य आपको ही मानते,
श्याम से पहले आपको ही ध्याते,
आपसे ही हर कार्य साकार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

भक्त मंडली खड़ी दरबार में,
अर्जी लेकर श्याम के दरबार में,
कहे आलोक अब तो बस एक आस है,
आप आओ तो ही उत्सव खास है,
आपसे ही गूंजे जय जयकार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥

हे गजानन आपकी दरकार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
श्याम प्यारे का सजा दरबार है,
हे गजानन आपकी दरकार है॥





मूषक सवारी लेके आना गणराजा




स्थायी

मूषक सवारी लेके आना गणराजा,
भक्तों का कहना मान के आना गणराजा,
मूषक सवारी लेके आना गणराजा ॥

अंतरा 1 -
रिद्धि सिद्धि को संग में लाना,
शुभ लाभ का भंडार लुटाना,
विघ्न सभी हर जाना गणराजा,
मूषक सवारी लेके आना गणराजा ॥

अंतरा 2 -
मोदक का भोग लगेगा प्यारा,
तेरा ही होगा नाच ये सारा,
ढोल नगाड़े संग में बजाना गणराजा,
मूषक सवारी लेके आना गणराजा ॥

अंतरा 3 -
भक्त आलोक की अर्जी यही है,
तेरे चरणों में ही जिंदगी सही है,
आके दर्शन दिखा जाना गणराजा,
मूषक सवारी लेके आना गणराजा ॥

अंतरा 4 -
गौरा मैया के राज दुलारे,
शिव शंकर के आँख के तारे,
हम सबको गले से लगाना गणराजा,
मूषक सवारी लेके आना गणराजा ॥

॥ बोल बम बम भजन ॥




॥ बोल बम बम भजन ॥

बोल बम बम प्यारे बोल बम बम,
बम बम बम बम बम बम बम बम,
जिंदगी से मिट जाएगा हर गम,
बोल बम बम प्यारे बोल बम बम ॥

बड़े ही कृपालु शिव संकट हर लेते हैं,
जो द्वार पे आए झोली भर देते हैं,
भज ले हर हर, भज ले बम बम,
बोल बम बम प्यारे बोल बम बम ॥

उज्जैन के राजा महाकाल मतवाले हैं,
भक्तों के पालनहार, भोले-भाले हैं,
इनकी शरण में आए, मिटे जनम जनम के गम,
बोल बम बम प्यारे बोल बम बम ॥

भक्त  आलोक तेरे नाम का दीवाना है,
भोले तेरे चरणों में ही ठिकाना है,
हर घड़ी, हर पल जपूँ तेरा ही बम बम,
बोल बम बम प्यारे बोल बम बम ॥

डमरू वाले बाबा का डमरू जब बाजे,
सारी नगरी शिव के रंग में साजे,
नाचे गाए सारा आलम, कहे बम बम,
बोल बम बम प्यारे बोल बम बम ॥

सोमवार, 31 अगस्त 2026

तेरे बिना मोहे चैन ना आए - एक भावपूर्ण कृष्ण भजन | Mere Sanware Bhajan,2026




भजन - "तेरे बिना मोहे चैन ना आए"

तेरे बिना मोहे चैन ना आए, मेरे श्याम
तरसे हैं नयन, अब तो आ जाए, मेरे श्याम
तेरे बिना मोहे चैन ना आए...

तू ही तो प्राण, तू ही तो प्यारा
तू ही है मेरा, एक सहारा
तेरी ही मुरली, मन में बाजे
तेरे ही नाम से, धड़कन साजे
सूनी लगे अब हर बँसुरिया
आकर बसा जा, दिल की डगरिया
तेरे बिना मोहे चैन ना आए...

श्याम बिना ये जीवन सूना
पल पल तड़पे, मन का कोना
कैसी ये दूरी, कैसा ये बंधन
तुझ बिन लागे फीका ये जीवन
रातें भी रूठीं, दिन भी पराए
चंदा की चाँदनी, मन को जलाए
तेरे बिना मोहे चैन ना आए...

एक बार आकर, दरस दिखा जा
इस व्याकुल मन को, धीर बंधा जा
आसन लगाऊँ हृदय के भीतर
तुझको बसाऊँ मैं रूह के भीतर
मेरा तो सर्वस्व, सब तेरा है
ये तन-मन-जीवन, सब तेरा है
तेरे बिना मोहे चैन ना आए...

तेरे बिना मोहे चैन ना आए, मेरे श्याम
तरसे हैं नयन, अब तो आ जाए, मेरे श्याम

डोरी तो भोले के हाथ है - भक्त और भगवान के अटूट रिश्ते का भजन | Dori To Bhole Ke Haath Bhajan Lyrics

                  



डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ,
अपनी मर्जी से बांधे, अपनी मर्जी से छोड़े,
शिव ही जाने किसको, कब वो अपने पास जोड़े,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...

अंतरा 1 -
कोई बंधा है दूर से, कोई बंधा है पास से,
कोई हँसे इस डोर में, कोई रोये उदास से,
तेरी लीला तू ही जाने, हम तो बस तेरे दास से,
तेरी डोरी का इशारा, समझे कोई क्या भला,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ

अंतरा 2 -
जब से डोरी थाम ली, भोले तेरे नाम की,
छूट गई चिंता सभी, इस झूठे संसार की,
तू खिंचे तो खिंच आएं, तेरे कैलाश धाम की,
नाच उठे मन बावरा, सुनके थाप डमरू की,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...

अंतरा 3 -
गिरते को तू थाम लेता, डोरी खींच संभाल के,
डूबते को तार देता, भवसागर से निकाल के,
टूटे ना ये प्रेम बंधन, जन्मों-जन्मों तक ये बंधन,
तेरे भक्तों की ये डोरी, बड़ी पावन बड़ी कठोर,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...


अंतरा 4 
कहे 'आलोक' सुनो भोले, विनती एक हमारी है,
जब तक सांसें हैं तन में, डोरी हाथ तुम्हारी है,
धीरे खींचो या जोर से, मर्जी है तुम्हारी है,
हम तो नाचेंगे हर हाल में, बनके दास तुम्हारे,
डोरी तो भोले के हाथ, हम सब हैं उसके साथ...

ओ मेरा श्याम आजा रे मेरे सामने॥

श्याम सवेरे देखूँ तुझको, मन में उठे उजियारा, तेरी छवि से जीवन मेरा, बन जाए सुखसारा। हर पल तुझको पुकारूँ मैं, तस्वीर को निहारूँ मैं, ओ मेर...